उत्तराखंड के निवेश पर ज्ञान देने से पहले हिमाचल की आर्थिक चुनौतियों का जवाब दें राहुल गांधी
उत्तराखंड के निवेश पर ज्ञान देने से पहले हिमाचल की आर्थिक चुनौतियों का जवाब दें राहुल गांधी

बोलता है उत्तराखंड कांग्रेस नेता राहुल गांधी जिस डिजिटल मीडिया संस्थान की रिपोर्ट का हवाला देकर उत्तराखंड में निवेश पर सवाल उठा रहे हैं, उस रिपोर्ट के संबंध में उत्तराखंड सरकार जुलाई महीने में ही कानूनी नोटिस जारी कर चुकी है।
सरकार के अनुसार, न्यूज़लॉन्ड्री की ओर से आज तक उसका जवाब नहीं दिया गया है। झूठी खबर प्रकाशित करने के विरोध मे मीडिया संस्थान के संपादक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गयी है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि रिपोर्ट में आटा चक्कियों, खाद-बीज की दुकानों और छोटे उद्योगों को तो प्रमुखता से दिखाया गया, लेकिन बड़े औद्योगिक समूहों, विश्वविद्यालयों ,ऊर्जा क्षेत्र की बड़ी परियोजनाओं का उल्लेख क्यों नहीं किया गया?
पूछता है उत्तराखंड कि राहुल गांधी को यह भी नहीं पता कि छोटे उद्योग एमएसएमई सेक्टर का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं? यही छोटे और मध्यम उद्योग देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और लाखों लोगों को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराते हैं। आटा चक्की हो, खाद-बीज का कारोबार हो या छोटी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, निर्धारित मानदंड पूरे करने पर ये भी एमएसएमई की श्रेणी में आते हैं। पूछता है उत्तराखंड क्या कांग्रेस नेता राहुल गांधी की नजर में छोटे उद्यमियों का निवेश कोई मायने नहीं रखता? क्या केवल बड़े उद्योगपतियों द्वारा लगाया गया पैसा ही निवेश कहलाएगा?
बोलता है उत्तराखंड का वोटर उत्तराखंड में मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में ₹3.56 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और प्रदेश सरकार के अनुसार ₹1 लाख करोड़ से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। छोटे उद्यमियों से लेकर बड़े औद्योगिक समूहों तक, सभी की भागीदारी से प्रदेश में उद्योगों का विस्तार हो रहा है और रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
आज उत्तराखंड औद्योगिक विकास, पर्यटन, आधारभूत ढाँचे और निवेश के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। जबकि कांग्रेस की सरकार वाला, कांग्रेस शासित हिमाचल प्रदेश गंभीर वित्तीय चुनौतियों से जूझ रहा है और कर्मचारियों के वेतन भुगतान तथा राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
बोलता है उत्तराखंड राहुल गांधी उत्तराखंड के निवेश पर सवाल उठाने से पहले यह भी बताइए कि कांग्रेस शासित हिमाचल प्रदेश में निवेश और रोजगार की क्या स्थिति है? वहाँ की आर्थिक चुनौतियों का समाधान आपकी पार्टी की सरकार कब करेगी? निवेश के आँकड़ों पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन किसी रिपोर्ट के चुनिंदा उदाहरणों के आधार पर पूरे प्रदेश की आर्थिक प्रगति को नकारना उचित नहीं है।
आज उत्तराखंड में छोटे उद्योग भी आगे बढ़ रहे हैं और बड़े उद्योग भी निवेश कर रहे हैं। विकास की इस पूरी तस्वीर को नजरअंदाज करके केवल चुनिंदा उदाहरणों पर सवाल उठाने से सच्चाई नहीं बदल जाती। इसलिए बोलता है उत्तराखंड कि राहुल को अध्ययन की जरूरत है।
