November 7, 2026

मुरादाबाद मंडल में तैनाती का झूठा दावा, पुलिस की बत्ती और RPF बैज के सहारे बना था फर्जी अधिकारी

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मुरादाबाद मंडल में तैनाती का झूठा दावा, पुलिस की बत्ती और RPF बैज के सहारे बना था फर्जी अधिकारी

देहरादून। राजधानी देहरादून में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने फर्जी अधिकारी बनकर घूम रहे एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को रेलवे में सहायक सुरक्षा आयुक्त (Assistant Security Commissioner) बता रहा था। उसके पास पुलिस की बत्ती लगी अर्टिगा कार थी और गाड़ी के डैशबोर्ड पर RPF का बैज लगी पीकैप भी रखी हुई थी। RPF की टीम ने 5 नवंबर को डोईवाला और हर्रावाला रेलवे स्टेशन के बीच लच्छीवाला फ्लाईओवर के नजदीक किलोमीटर संख्या 68/01 के पास उसे पकड़ा।

 

 

RPF देहरादून के प्रभारी निरीक्षक पंकज कुमार ने हमराह उप निरीक्षक रामभरोसे, हेड कांस्टेबल अशोक नौटियाल और कांस्टेबल सम्राट के साथ कार्रवाई की। पकड़े गए युवक की पहचान स्मित कुमार पुत्र राजीव शर्मा, उम्र 29 वर्ष, निवासी शिवाला कला, जिला बिजनौर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई। पूछताछ के दौरान आरोपी ने शुरुआत में खुद को 2022 UPSC बैच का चयनित अधिकारी बताते हुए मुरादाबाद मंडल कार्यालय में सहायक सुरक्षा आयुक्त के पद पर तैनात होने का दावा किया।

 

 

हालांकि, सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह कर्ज में डूबा हुआ है और पैसे कमाने का कोई रास्ता नहीं मिलने पर फर्जी RPF अधिकारी बनकर पिछले कई महीनों से अलग-अलग स्थानों पर घूम रहा था। वह लच्छीवाला फ्लाईओवर के पास भी चोरी और फर्जीवाड़े की नीयत से पहुंचा था, लेकिन किसी वारदात को अंजाम देने से पहले ही RPF के हत्थे चढ़ गया।

 

 

मौके पर मौजूद वाहन चालक अवधेश कुमार (33), निवासी बिजनौर से पूछताछ की गई। चालक ने बताया कि वह पिछले कई महीनों से स्मित के साथ गाड़ी चला रहा था और उसे रेलवे में सहायक सुरक्षा आयुक्त के पद पर तैनात अधिकारी समझता था।

RPF ने आरोपी के पास से अर्टिगा कार संख्या UK 07 HQ 2387 और फर्जी अधिकारी के रूप में इस्तेमाल किए जा रहे सामान को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई के लिए डोईवाला पुलिस के सुपुर्द कर दिया। RPF की लिखित तहरीर पर थाना डोईवाला में FIR संख्या 343/26, दिनांक 05 नवंबर 2026 को BNS की धारा 204 और 205 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मामले की जांच उप निरीक्षक विपिन चंद्रा कर रहे हैं।

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