Blog

Your blog category

32 महीने बाद आए फैसले ने जहां अंकिता के परिजन की इंसाफ की आस पूरी हुई है,वहीं पहाड़ की बेटी को इंसाफ मिलने की बात हर किसी की जुबा पर है। ये सब यू ही संभव नहीं हुआ है,इसके पीछे धामी की संवेदनशीलता ही थी