मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर STF जांच में नाबालिगों को साइबर अपराध में शामिल किए जाने के संकेत मिले।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर STF जांच में नाबालिगों को साइबर अपराध में शामिल किए जाने के संकेत मिले।

राज्य एसटीएफ. की एंटी हेली फ्रॉड सेल द्वारा अब तक 300 फर्जी सोशल मीडिया लिंक, (फेसबुक पेज, इंस्टाग्राम अकाउंट) एवं 100 से अधिक संदिग्ध व्हट्सअप नंबरों पर प्रभावी कार्यवाही कर ब्लाक कराया कराया गया
उत्तराखण्ड में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली पवित्र चारधाम यात्रा के दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। यात्रा को सुरक्षित एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के निर्देशानुसार स्पेशल टास्क फोर्स (STF) द्वारा साइबर अपराधियों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में एसटीएफ. के अन्तर्गत गठित चारधाम यात्रा एंटी हेली फ्रॉड सेल”द्वारा निरंतर सोशल मीडिया, संदिग्ध वेबसाइट्स एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की निगरानी की जा रही थी। निगरानी के दौरान प्रकाश में आया कि एक संगठित साइबर गिरोह फर्जी Facebook,WhatsApp नंबर एवं बैंक खातों के माध्यम से श्रद्धालुओं को “हेली सेवा बुकिंग” के नाम पर ठग रहा है। जिसके सम्बन्ध में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, देहरादून में सीसीपीएस में नियुक्त उ.नि. राजीव सेमवाल द्वारा मु0अ0सं0-24/26 धारा 318(4), 61(2), 36(1) BNS एवं 66(C), 66(D) IT Act पंजीकृत किया गया था । अभियोग की विवेचना के दौरान एसटीएफ. टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्यों, बैंकिंग ट्रेल एवं मोबाइल डाटा के आधार पर बिहार राज्य में सघन अभियान चलाया गया। जिसमें STF टीम को महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। एसटीएफ टीम द्वारा 01 सप्ताह की कड़ी मशक्त के बाद नालन्दा बिहार से 02 मुख्य साइबर अपराधियों को गिरप्तार करने में सफलता प्राप्त की है। विवेचना के दौरान प्रकाश में आया कि साइबर अपराधियों द्वारा शिकायतकर्ता को हैली सेवा टिकट बुकिंग के नाम पर फर्जी टिकट उपलब्ध कराये गये थे, जिसे विवेचना के दौरान रिकवर कर अभियुक्तगणों के विरूद्ध धारा 336(3)/338 बीएनएस की बढोत्तरी की गयी है।
गिरफ्तार अभियुक्त
1. दीपक कुमार पुत्र अनुज कुमार, निवासी शेरपुर, बिहार शरीफ, नालंदा
2. विजित कुमार उर्फ मिकी पुत्र प्रजापति प्रसाद, निवासी शेखपुरा, बिहार
**अन्य प्रकरण से संबंध (Linkage)
विवेचना के दौरान एसटीएफ. की टीम थाना साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन नालंदा, बिहार के सम्पर्क में थी, तथा I4C (Indian Cyber Crime Coordination Centre) गृह मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा भी हैली धोखाधड़ी से सम्बन्धित कुछ साइबर अपराधियों का डेटा टीम को उपलब्ध कराया गया था जिसमें टीम द्वारा नालंदा बिहार से एक और अन्य साइबर अभियुक्त शिव कुमार पासवान उर्फ फुलटून पुत्र कौशल पासवान, निवासी ग्राम सर्वहदी, थाना मानपुर, जनपद नालंदा, बिहार को गिरफ्तार किया गया, जो नालंदा बिहार में पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 101/26 धारा 318(4), 319(2), 336(3), 340(2), 61(2), 61(3) बी०एन०एस० एवं 66(D) आई०टी० एक्ट से सम्बन्धित पाया गया साथ ही पूछताछ के दौरान उक्त अपराधी द्वारा उत्तराखण्ड राज्य में संचालित हैली सेवा में भी धोखाधड़ी किये जाने के साक्ष्य प्राप्त हुए, जिस सम्बन्ध में विवेचक द्वारा अभियुक्त के विरुद्ध बी-वारंट प्राप्त करने हेतु आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
अपराध करने का तरीका (Modus Operandi)
• अभियुक्त स्वयं को अधिकृत हेली सेवा प्रदाता या एजेंट बताकर फर्जी WhatsApp नंबर, फर्जी सोशल मीडिया पेज (फेसबुक, इन्स्टाग्राम आदि) एवं फर्जी बेबसाइबट संचालित करते थे।
• सोशल मीडिया एवं मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से श्रद्धालुओं को टारगेट किया जाता था।
• “VIP दर्शन”, “तुरंत कन्फर्म टिकट”, “सीमित सीट” जैसे झूठे प्रलोभन देकर विश्वास में लिया जाता था।
• विभिन्न व्यक्तियों के बैंक खाते खुलवाकर उन्हें म्यूल अकाउंट (Mule Accounts) के रूप में इस्तेमाल किया जाता था।
• ठगी की धनराशि इन खातों में ट्रांसफर कर ATM के माध्यम से निकासी की जाती थी।
• गिरोह के सदस्यों के बीच 15% से 25% तक कमीशन का बंटवारा किया जाता था।
नाबालिग से पूछताछ एवं चिंताजनक पहलू
• बिहार में रहते हुए एसटीएफ. टीम द्वारा सुरागरसी-पतारसी के दौरान कुछ नाबालिक बालकों से भी पूछताछ की गई।
• पूछताछ के दौरान चारधाम हेली बुकिंग फ्रॉड से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त हुईं तथा प्रथम दृष्टया साइबर अपराधियों द्वारा कुछ नाबालिग बच्चो को साइबर धोखाधड़ी में शामिल किया जा रहा है।
• यह तथ्य अत्यंत चिंताजनक है कि इस प्रकार के संगठित साइबर अपराधों में कम आयु के किशोरों/नाबालिगों को भी शामिल किया जा रहा है अथवा वे स्वयं इस प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त हो रहे हैं।
• पूछताछ में यह तथ्य प्रकाश में आया कि साइबर अपराधियों द्वारा धोखाधड़ी करने हेतु अनजान व्यक्तियों के मोबाइल हॉटस्पॉट/इंटरनेट कनेक्शन का भी उपयोग किया जाता है।
• उक्त संबंध में आवश्यक वैधानिक कार्यवाही प्रचलित है तथा संभावित विधि विवादित किशोर की भूमिका की विस्तृत जांच की जा रही है।
* जांच में सामने आए महत्वपूर्ण तथ्य*
• गिरफ्तार अभियुक्तों से जुड़े बैंक खातों पर कई NCRP (National Cyber Crime Reporting Portal) शिकायतें दर्ज पाई गईं।
• WhatsApp चैट्स में अन्य सहयोगियों के साथ बैंक खातों, ATM कार्ड एवं QR Code के आदान-प्रदान के साक्ष्य प्राप्त हुए।
• गिरोह का नेटवर्क बहु-राज्यीय (Multi-State) स्तर पर सक्रिय पाया गया।
• अन्य फरार अभियुक्तों की पहचान कर गिरफ्तारी हेतु प्रयास जारी हैं
बरामदगी का विवरण
• 05 बैंक पासबुक (विभिन्न बैंकों के)
• 01 चैकबुक
• 02 मोबाइल फोन (महत्वपूर्ण डिजिटल डाटा सहित)
• 01 ATM कार्ड
• 02 सिम संबंधित सामग्री
• 01 आधार कार्ड एवं 01 पैन कार्ड
• अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य
एसटीएफ. टीम
1. निरीक्षक, एन.के. भट्ट
2. उ.नि. राजीव सेमवाल
3. हे.का. अनूप भाटी
4. कान्स. नितिन रमोला
5. कान्स. कादर
एसएसपी एसटीएफ का संदेश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक STF द्वारा आमजन से अपील की गई है कि—
चारधाम यात्रा हेतु हेलीकॉप्टर बुकिंग केवल अधिकृत वेबसाइट www.heliyatra.irctc.co.in
के माध्यम से ही करें।
किसी भी अज्ञात WhatsApp नंबर, सोशल मीडिया लिंक या संदिग्ध वेबसाइट के माध्यम से बुकिंग न करें।
“जल्दी टिकट”, “VIP पास” जैसे प्रलोभनों से सावधान रहें।
किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें या नजदीकी साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
